देश के तीन बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), और बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda – BoB), अपने लाखों खाताधारकों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा लेकर आए हैं। यह अपडेट खासकर उन लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है जिन्हें अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाती है।
तीनों बैंकों ने मिलकर अपने योग्य ग्राहकों को ₹1 लाख तक का इंस्टेंट पर्सनल लोन (Instant Personal Loan) सीधे उनके बैंक खाते में देने का फैसला किया है। यह सुविधा 5 दिसंबर, 2025 से आधिकारिक तौर पर लागू की गई है।
यह नई सुविधा पूरी तरह से डिजिटल है, जिसका मतलब है कि ग्राहकों को लोन लेने के लिए बैंक की शाखा (ब्रांच) जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे केवल अपने मोबाइल फोन का उपयोग करके कुछ ही मिनटों में लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं और राशि तुरंत उनके खाते में ट्रांसफर हो जाएगी।
₹1 लाख का इंस्टेंट पर्सनल लोन: मुख्य बातें
यह इंस्टेंट लोन सुविधा ग्राहकों को आपातकालीन वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी। इसकी सबसे खास बात यह है कि यह बिना ज्यादा दस्तावेज और बिना लंबी प्रक्रिया के उपलब्ध है। लोन लेने के लिए केवल आधार कार्ड, पैन कार्ड और मोबाइल ओटीपी वेरिफिकेशन की जरूरत होगी।
यह सुविधा उन लोगों के लिए है जिनका इन बैंकों में बचत खाता (Savings Account) या वेतन खाता (Salary Account) है। साथ ही, उनकी मासिक आय (monthly income) या नियमित लेनदेन (regular transaction history) अच्छी होनी चाहिए और सिबिल स्कोर (CIBIL score) 650+ या उससे अधिक होना चाहिए।
लोन की ब्याज दरें (interest rates) आमतौर पर 10.50% से 14.50% के बीच रहने की उम्मीद है, हालांकि यह प्रत्येक बैंक और ग्राहक के प्रोफाइल पर निर्भर करेगा। ग्राहक अपनी सुविधा के अनुसार 12 महीने, 24 महीने या 36 महीने तक का लोन चुकाने का समय (Loan tenure) चुन सकते हैं।
इंस्टेंट पर्सनल लोन ओवरव्यू
| विशेषता | विवरण |
| बैंक | SBI, PNB, और Bank of Baroda (BoB) |
| अधिकतम लोन राशि | ₹1 लाख तक |
| लोन का प्रकार | इंस्टेंट पर्सनल लोन (Instant Personal Loan) |
| आवेदन प्रक्रिया | पूरी तरह से डिजिटल (केवल मोबाइल ऐप या ऑनलाइन) |
| आवश्यक दस्तावेज | आधार कार्ड, पैन कार्ड और मोबाइल ओटीपी वेरिफिकेशन |
| पात्रता मानदंड (Eligibility) | बैंक में बचत/वेतन खाता, अच्छी लेन-देन हिस्ट्री, CIBIL स्कोर 650+ |
| ब्याज दर (Interest Rate) | सामान्यतः 10.50% से 14.50% के बीच |
| लोन अवधि (Tenure) | 12 महीने, 24 महीने, या 36 महीने (विकल्प उपलब्ध) |
डिजिटल प्रक्रिया और कैसे करें आवेदन
इस लोन के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया बेहद सरल और तेज है। ग्राहकों को बैंक ब्रांच जाने की बजाय अपने बैंक के आधिकारिक मोबाइल बैंकिंग ऐप या इंटरनेट बैंकिंग पोर्टल का उपयोग करना होगा।
- स्टेप 1: लॉग इन करें: अपने बैंक के मोबाइल ऐप (जैसे SBI YONO, PNB One, या BoB World) में लॉग इन करें।
- स्टेप 2: लोन विकल्प चुनें: ‘लोन’ या ‘इंस्टेंट लोन’ (Instant Loan) के विकल्प पर जाएँ।
- स्टेप 3: राशि और अवधि चुनें: आपको अपनी प्री-अप्रूव्ड लोन राशि दिखेगी। आवश्यक लोन राशि और चुकाने की अवधि (tenure) चुनें।
- स्टेप 4: ब्याज दर और ईएमआई जांचें: ब्याज दर और मासिक किस्त (EMI) की जानकारी ध्यान से चेक करें।
- स्टेप 5: दस्तावेज और सत्यापन: यदि आवश्यक हो तो डिजिटल रूप से आधार और पैन की जानकारी भरें और मोबाइल ओटीपी से सत्यापन (Verification) पूरा करें।
- स्टेप 6: समझौते को स्वीकार करें: लोन समझौते (Loan Agreement) को ध्यान से पढ़कर स्वीकार करें।
- स्टेप 7: राशि प्राप्त करें: आवेदन के 2 से 5 मिनट के भीतर लोन की राशि सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
यह झंझट-मुक्त (hassle-free) प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि वित्तीय जरूरत के समय ग्राहकों को तुरंत सहायता मिल सके।
अन्य महत्वपूर्ण बैंकिंग अपडेट्स
इंस्टेंट लोन की सुविधा के अलावा, SBI, PNB, और Bank of Baroda समेत कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में अन्य महत्वपूर्ण बदलाव भी किए गए हैं, जिनका सीधा असर खाताधारकों पर पड़ता है:
- न्यूनतम शेष राशि (Minimum Balance): कुछ बैंकों ने न्यूनतम शेष राशि (मिनिमम बैलेंस) की नीतियों को अपडेट किया है। कुछ मामलों में, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के खातों में आवश्यक न्यूनतम बैलेंस की राशि को बढ़ाया गया है, जबकि अन्य बैंकों ने मिनिमम बैलेंस न रखने पर लगने वाले जुर्माने को हटा दिया है।
- एटीएम लेनदेन शुल्क (ATM Transaction Charges): एटीएम से मुफ्त निकासी की सीमा को कुछ बैंकों ने कम कर दिया है। मुफ्त सीमा के बाद एटीएम से पैसा निकालने पर पहले की तुलना में ज्यादा शुल्क लग सकता है।
- यूपीआई आईडी सक्रियण (UPI ID Activation): एनपीसीआई (NPCI) के दिशानिर्देशों के अनुसार, जिन यूपीआई आईडी पर एक साल से अधिक समय से कोई लेन-देन नहीं हुआ है, उन्हें निष्क्रिय (Inactive) किया जा सकता है। इसलिए, ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यूपीआई आईडी को सक्रिय रखने के लिए नियमित रूप से लेन-देन करते रहें।
- केवाईसी अपडेट (KYC Update): खाताधारकों को अपने बैंक खाते का केवाईसी (Know Your Customer) अपडेट हर 2 से 3 साल में करवाना जरूरी है। केवाईसी अपडेट न कराने पर बैंक खाता निष्क्रिय या बंद किया जा सकता है।
ये सभी बदलाव ग्राहकों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित बैंकिंग सुनिश्चित करने के लिए किए गए हैं।

